पितृ पक्ष 2026 कब है?

पितृ पक्ष पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, स्मरण और कृतज्ञता व्यक्त करने का विशेष समय माना जाता है।

2026 में पूर्णिमा श्राद्ध 26 सितंबर को है और प्रतिपदा श्राद्ध 27 सितंबर से प्रारंभ होगा। सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर 2026 को है।

पितृ पक्ष में क्या करें?

  • दिवंगत पूर्वज की मृत्यु-तिथि के अनुसार श्राद्ध करें।
  • श्रद्धापूर्वक तर्पण और पिंडदान करें।
  • योग्य ब्राह्मण को भोजन एवं दक्षिणा दें।
  • जरूरतमंद को अन्न, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य अनुसार दान करें।
  • गाय, कौवे और अन्य जीवों के लिए भोजन निकाल सकते हैं।

पितरों के सरल उपाय

  • प्रतिदिन पितरों का स्मरण करके जल अर्पित करें।
  • अमावस्या पर श्रद्धापूर्वक तर्पण करें।
  • परिवार के दिवंगत सदस्यों के नाम से अन्नदान करें।
  • घर के बुजुर्गों का सम्मान और सेवा करें।

विशेष सावधानी

श्राद्ध की तिथि और विधि परिवार की परंपरा तथा स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग हो सकती है। विशेष श्राद्ध, त्रिपिंडी श्राद्ध या पिंडदान आदि किसी योग्य कर्मकांडी विद्वान के मार्गदर्शन में कराना उचित है।

Astrologer KN Tripathi

Vedic Astrologer | Life Coach | Guide

DM FOR CONSULTATION

Disclaimer: यह लेख धार्मिक एवं पारंपरिक मान्यताओं की सामान्य जानकारी के लिए है।